स्थापना
केन्द्रीय विद्यालय आईआईटी तिरुपति की स्थापना 2024 में केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) के परियोजना क्षेत्र (Project Sector) के अंतर्गत की गई। विद्यालय की स्थापना बच्चों को गुणवत्तापूर्ण, समग्र एवं मूल्यपरक शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से की गई, जिसमें आईआईटी तिरुपति और IISER तिरुपति से जुड़े परिवारों की शैक्षिक आवश्यकताओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। साथ ही, KVS के प्रवेश संबंधी दिशा-निर्देशों के अनुसार सभी पात्र बच्चों को शैक्षिक अवसर प्रदान किए जाते हैं।
यह विद्यालय आईआईटी तिरुपति परिसर के भीतर, येर्पेडु मंडल, तिरुपति जिला, आंध्र प्रदेश में स्थित है। विद्यालय का औपचारिक उद्घाटन प्रो. के. एन. सत्यनारायण, निदेशक, आईआईटी तिरुपति द्वारा किया गया, जो आईआईटी तिरुपति परिसर में शैक्षिक सुविधाओं के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि थी।
पृष्ठभूमि एवं उद्देश्य
केन्द्रीय विद्यालय आईआईटी तिरुपति की स्थापना का मूल उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, समावेशी एवं प्रेरणादायक वातावरण में शिक्षा प्रदान करना है। विद्यालय केंद्रीय विद्यालय संगठन की शैक्षिक विचारधारा एवं अकादमिक रूपरेखा का अनुसरण करते हुए प्रत्येक विद्यार्थी के सर्वांगीण विकास पर विशेष बल देता है।
आईआईटी तिरुपति और IISER तिरुपति के विकास तथा इन संस्थानों से जुड़े कर्मचारियों और उनके परिवारों की बढ़ती संख्या के साथ एक सुव्यवस्थित शैक्षणिक संस्थान की आवश्यकता महसूस हुई। विद्यालय की स्थापना इसी आवश्यकता को पूरा करने के उद्देश्य से की गई, ताकि विद्यार्थियों को एक सुसंगठित शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराया जा सके तथा शैक्षणिक उत्कृष्टता, रचनात्मकता, अनुशासन, सांस्कृतिक जागरूकता, नैतिक मूल्यों एवं जिम्मेदार नागरिकता को बढ़ावा दिया जा सके।
प्रारंभ एवं विकास
विद्यालय ने 2024 में कक्षा I से कक्षा V तक की कक्षाओं के साथ अपनी शैक्षिक यात्रा प्रारंभ की। स्थापना के बाद से विद्यालय ने विद्यार्थी संख्या, शैक्षणिक कार्यक्रमों, आधारभूत संरचना एवं शिक्षण सुविधाओं के क्षेत्र में निरंतर प्रगति की है।
विकास की इस यात्रा के दौरान विद्यालय ने अपनी शैक्षणिक संरचना का विस्तार किया और वर्तमान में बालवाटिका-I से कक्षा VII तक के विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान कर रहा है। यह विस्तार बच्चों को निरंतर शैक्षिक अवसर उपलब्ध कराने तथा उनके भविष्य के लिए मजबूत आधार तैयार करने के प्रति विद्यालय की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
विद्यालय में विद्यार्थियों के शैक्षणिक, शारीरिक, सामाजिक, भावनात्मक, रचनात्मक एवं सांस्कृतिक विकास के लिए आयु-उपयुक्त शिक्षण-अधिगम अनुभव प्रदान किए जाते हैं।
आधारभूत संरचना एवं शिक्षण वातावरण
आईआईटी तिरुपति परिसर के भीतर स्थित केन्द्रीय विद्यालय आईआईटी तिरुपति को एक सुव्यवस्थित एवं अनुकूल शैक्षिक वातावरण का लाभ प्राप्त है। विद्यालय में प्रभावी शिक्षण-अधिगम को बढ़ावा देने के लिए सुव्यवस्थित कक्षाएँ, प्रयोगशालाएँ, खेल सुविधाएँ एवं अन्य शैक्षिक संसाधन उपलब्ध हैं।
विद्यालय एक सुरक्षित, समावेशी, बाल-अनुकूल एवं तकनीक-सक्षम शिक्षण वातावरण प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। विद्यार्थियों को खोज एवं अनुभव के माध्यम से सीखने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है तथा उनमें रचनात्मकता, आलोचनात्मक चिंतन, सहयोग, संचार कौशल, नवाचार एवं 21वीं सदी के आवश्यक कौशलों का विकास किया जाता है।
विद्यार्थियों की बदलती शैक्षिक आवश्यकताओं एवं केंद्रीय विद्यालय संगठन की शैक्षिक रूपरेखा के उद्देश्यों के अनुरूप विद्यालय अपनी आधारभूत संरचना एवं शैक्षिक सुविधाओं को निरंतर सुदृढ़ कर रहा है।
शैक्षिक दर्शन
केन्द्रीय विद्यालय आईआईटी तिरुपति समग्र शिक्षा, समावेशिता, अनुभवात्मक अधिगम एवं मूल्यपरक शिक्षा के सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्ध है। शैक्षणिक अध्ययन के साथ-साथ विद्यालय विद्यार्थियों को सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों, खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, रचनात्मक गतिविधियों एवं विभिन्न शैक्षिक पहलों में भाग लेने के अवसर प्रदान करता है।
विद्यालय का उद्देश्य ऐसे विद्यार्थियों का निर्माण करना है जो आत्मविश्वासी, जिम्मेदार, रचनात्मक एवं संवेदनशील हों तथा भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए आवश्यक ज्ञान, कौशल एवं मूल्यों से सुसज्जित हों।
आगे की यात्रा
2024 में परियोजना क्षेत्र के अंतर्गत एक केन्द्रीय विद्यालय के रूप में अपनी स्थापना से लेकर वर्तमान समय तक, यह संस्थान आईआईटी तिरुपति परिसर में एक विकसित होते हुए शैक्षिक केंद्र के रूप में निरंतर प्रगति कर रहा है।
केन्द्रीय विद्यालय आईआईटी तिरुपति की विकास यात्रा केंद्रीय विद्यालय संगठन के आदर्शों एवं शैक्षिक दृष्टिकोण के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है। आईआईटी तिरुपति, IISER तिरुपति, केंद्रीय विद्यालय संगठन, अभिभावकों, शिक्षकों एवं विद्यालय के व्यापक समुदाय के सहयोग से विद्यालय निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर है।
विद्यालय का लक्ष्य आने वाली पीढ़ियों के ऐसे युवा शिक्षार्थियों को तैयार करना है जो ज्ञानवान, आत्मविश्वासी, रचनात्मक, जिम्मेदार एवं सामाजिक रूप से जागरूक हों तथा समाज और राष्ट्र के विकास में सार्थक योगदान देने में सक्षम बनें।